मेरी बीवी बहुत ही खास है। वो इतनी खास है कि कभी-कभी मुझे खुद समझ नहीं आता कि मैं पति हूँ या “ऑफिशियल असिस्टेंट” ????
सुबह उठते ही उनका पहला काम होता है— “सुनो जी… चाय बना दो”
और मैं सोचता हूँ—“अरे! ये तो मेरा डायलॉग होना चाहिए था!”
लेकिन शादी के बाद बहुत कुछ बदल जाता है… खासकर “हुक्म देने का अधिकार” ????
मेरी बीवी की एक खास आदत है—उन्हें हर चीज़ याद रहती है।
मैंने 2 साल पहले क्या कहा था, वो भी…
और मैंने कल क्या कहा, वो तो बिल्कुल ही!
लेकिन अगर मैं पूछ लूं— “तुमने मेरी चाबी कहाँ रखी?”
तो जवाब आता है—“मुझे क्या पता!” ????
शॉपिंग की बात आए तो मेरी बीवी का कोई मुकाबला नहीं।
वो कहती हैं—“बस 10 मिनट में आती हूँ”
और वो 10 मिनट… 2 घंटे में बदल जाते हैं!
और सबसे मजेदार बात—
घर में कपड़े अलमारी में कम और कुर्सी पर ज्यादा मिलते हैं…
और दोष हमेशा मेरा होता है ????
जब मैं मोबाइल चलाता हूँ तो वो कहती हैं—
“हर टाइम फोन में लगे रहते हो!”
और जब मैं फोन नहीं चलाता, तो कहती हैं—
“इतने चुप क्यों हो? किसी से बात कर रहे हो क्या?” ????????
लेकिन सच बताऊँ…
इतनी नोकझोंक, इतनी मस्ती के बाद भी,
अगर वो एक दिन बात ना करें… तो घर खाली-खाली लगता है।
उनकी डाँट में भी प्यार होता है,
और उनकी हर बात में मेरा ख्याल।
इसलिए मेरी बीवी सिर्फ “बीवी” नहीं है—
वो मेरी दोस्त, मेरी टीचर, और कभी-कभी मेरी बॉस भी है ????❤️
निष्कर्ष:
बीवी भगवान का दिया हुआ वो “स्पेशल गिफ्ट” है,
जो हँसाती भी है, सताती भी है…
लेकिन सबसे ज्यादा प्यार भी वही करती है ❤️